बंद पड़ी मोदी कपड़ा मिल से स्क्रैप निकाले जाने का मामला इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। पूर्व चेयरमैन राम आसरे शर्मा मजदूरों का हिसाब किये बिना मिल से स्क्रैप निकाले जाने का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि उनकी शिकायत पर प्रशासन द्वारा मामले की जांच के लिए समिति बनाई गई थी। इस समिति की रिपोर्ट के बिना ही मिल प्रबंधन पुलिस प्रशासन से सांठगांठ कर स्क्रैप निकाल रहा है। उन्होंने गत मंगलवार को तहसील दिवस पर स्क्रैप निकालना बंद न किये जाने पर मिल के गेट पर अनिश्चितकालीन अनशन शुरू करने की चेतावनी दी थी।
चेतावनी के चलते शनिवार सुबह से ही कानून व्यवस्था के चलते मिल के गेट पर मुरादनगर, भोजपुर, निवाड़ी, लोनी, ट्रॉनिका सिटी, मसूरी आदि थानों का पुलिसबल तैनात किया गया था। सुबह सवेरे ही पुलिस ने धारा 144 लगी होने की बात कहकर मिल के गेट के समीप अनशन के लिए बिछाए गए तख्त आदि को हटवा दिया था। दोपहर 12 बजे रामआसरे शर्मा अपने सैंकड़ों समर्थकों नवाब सोनी, मुलतान शर्मा, रामदास शर्मा, सतपाल तेवतिया आदि सैंकड़ों समर्थकों के साथ जुलूस के रूप में मोदी कपडामिल के गेट की ओर चल दिये। कुछ दूर चलते ही गेलार्ड होटल के सामने पुलिस फोर्स के साथ खड़े तहसीलदार उमाकांत तिवारी ने जुलूस रोक लिया। यहां रामआसरे शर्मा ने प्रशासन के समक्ष मजदूरों को उनके आवास का मालिकाना हक़ दिलाने की मांग करते हुए मकानों की रजिस्ट्री मजदूरों के नाम करने की मांग की। तहसीलदार ने उन्हें आश्वासन दिया कि लीगल भूमि पर बने आवासों की रजिस्ट्री सोमवार से मजदूरों के नाम करानी शुरू कर दी जाएगी। इस पर रामआसरे शर्मा ने आंदोलन सोमवार तक स्थगित करने की घोषणा की जिसके बाद मामले का फिलहाल पटाक्षेप हो गया।
प्रशासन के आश्वासन पर सोमवार तक प्रस्तावित अनशन स्थगित, बंद मोदी कपड़ा मिल से करोड़ों का स्क्रैप निकासी का मामला.....